उत्तर प्रदेश में बेटियों के लिए एक खास तोहफा है – मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना। यह स्कीम सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि हकीकत में बेटियों की जिंदगी संवार रही है। अब तक पूरे प्रदेश में 26,79,576 बेटियों को इस योजना का फायदा मिल चुका है।

क्यों जरूरी है यह योजना?
हमारे समाज में आज भी बेटियों के साथ भेदभाव होता है। कन्या भ्रूण हत्या, असमान लिंगानुपात, बाल विवाह और बालिकाओं के प्रति परिवार की नकारात्मक सोच – ये सब प्रताड़नाएं अभी भी जारी हैं। इन कुरीतियों को दूर करने के मकसद से ही उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना शुरू की है।
यह स्कीम बेटियों के पैदाइश से लेकर उनकी पढ़ाई-लिखाई तक हर पड़ाव पर आर्थिक मदद मुहैया कराती है। इसका मकसद साफ है – फलस्वरूप जहां एकतरफ कन्या भ्रूण हत्या और बाल-विवाह जैसी कुप्रथाओं के रोकथाम के प्रयासों को बल मिलेगा, वहीं दूसरी ओर बालिकाओं को उच्च शिक्षा व रोजगार के अवसरों की ओर बढ़ने का अवसर प्राप्त होगा।
किसे मिलेगा इस योजना का लाभ?
योजना का फायदा उठाने के लिए कुछ शर्तें हैं, जो बेहद आसान हैं:
पहली शर्त: लाभार्थी का परिवार उत्तर प्रदेश का निवासी हो और उसके पास स्थाई निवास प्रमाण पत्र हो, जैसे राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर पहचान पत्र, विद्युत या टेलीफोन का बिल मान्य होगा।
दूसरी शर्त: लाभार्थी की पारिवारिक वार्षिक आय अधिकतम ₹3 लाख हो।
तीसरी शर्त: किसी परिवार की अधिकतम दो ही बच्चियों को योजना का लाभ मिल सकेगा।
चौथी शर्त: परिवार में अधिकतम दो बच्चे हों।
पांचवीं शर्त: किसी महिला को द्वितीय प्रसव से जुड़वा बच्चे होने पर तीसरी संतान के रूप में लड़की को भी लाभ अनुमन्य होगा। यदि किसी महिला को पहले प्रसव से बालिका है व द्वितीय प्रसव से दो जुड़वा बालिकायें होती हैं तो केवल ऐसी अवस्था में ही तीनों बालिकाओं को लाभ अनुमन्य होगा।
छठी शर्त: यदि किसी परिवार ने अनाथ बालिका को गोद लिया हो, तो परिवार की जैविक संतान तथा विधिक रूप में गोद ली गयी संतानों को सम्मिलित करते हुए अधिकतम दो बालिकाओं इस योजना की लाभार्थी होंगी।
कितनी मिलेगी आर्थिक मदद?
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना 6 श्रेणियों में निम्नवत लागू की जाएगी:
प्रथम श्रेणी: नवजात बालिकाओं जिनका जन्म 01/04/2019 या उससे पश्चात हुआ हो, को ₹5,000 एक मुश्त धनराशि से लाभान्वित किया जाएगा।
द्वितीय श्रेणी: वह बालिकायें सम्मिलित होंगी जिनका एक वर्ष के भीतर सम्पूर्ण टीकाकरण हो चुका हो तथा उनका जन्म 01/04/2018 से पूर्व न हुआ हो, को ₹2,000 एक मुश्त धनराशि से लाभान्वित किया जाएगा।
तृतीय श्रेणी: वह बालिकायें सम्मिलित होंगी जिन्होंने चालू शैक्षणिक सत्र के दौरान प्रथम कक्षा में प्रवेश लिया हो, को ₹3,000 एक मुश्त धनराशि से लाभान्वित किया जाएगा।
चतुर्थ श्रेणी: वह बालिकायें सम्मिलित होंगी जिन्होंने चालू शैक्षणिक सत्र के दौरान छठी कक्षा में प्रवेश लिया हो, को ₹3,000 एक मुश्त धनराशि से लाभान्वित किया जाएगा।
पंचम श्रेणी: वह बालिकायें सम्मिलित होंगी जिन्होंने चालू शैक्षणिक सत्र के दौरान नवीं कक्षा में प्रवेश लिया हो, को ₹5,000 एक मुश्त धनराशि से लाभान्वित किया जाएगा।
षष्ठम श्रेणी: वह सभी बालिकायें सम्मिलित होंगी जिन्होंने 10वीं/12वीं कक्षा उत्तीर्ण करके चालू शैक्षणिक सत्र के दौरान स्नातक-डिग्री या कम से कम दो वर्षीय डिप्लोमा में प्रवेश लिया हो, को ₹7,000 एक मुश्त धनराशि से लाभान्वित किया जाएगा।
योजना की खासियत
इस योजना की शुरुआत 25 अक्टूबर 2019 को हुई थी। इसकी पोटली का उदघाटन श्री योगी आदित्य नाथ, माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश, राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल और माननीय कैबिनेट मंत्री सुश्री स्मृति जुबिन ईरानी, महिला एवं विकास, भारत सरकार द्वारा किया गया।
इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह बेटी के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई तक हर कदम पर साथ खड़ी रहती है। महिला सशक्तिकरण वर्तमान उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता है।
