मुंबई पुलिस ने पकड़ा फेक टीआरपी रैकेट : पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह

0
8
मुंबई : मुंबई पुलिस ने बताया है कि टीवी चैनल को लेकर फेक अकाउंट, प्रोपैगैंडा और फॉल्स नैरेटिव चलाया जा रहा था. पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने बताया है कि क्राइम ब्रांच ने फॉल्स टीआरपी का रैकेट पकड़ा है. उन्होंने कहा कि एक अनुमान के मुताबिक टेलिविजन की एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री 30-40 हजार करोड़ रुपये के बीच है.
बिंदुवार पढ़ें परमबीर सिंह की बातें-
  • एड के रेट कैसे तय होंगे, यह टीआरपी पर निर्भर होता है.
  • टीआरपी प्वाइंट में छोटा सा भी बदलाव होने पर सैकड़ों करोड़ रुपये के राजस्व का फर्क पड़ता है.
  • तीन चैनल जोड़-तोड़ में पकड़े गए.
  • टीआरपी के आकलने के लिए देश भर में 30 हजार बैरोमीटर लगाए गए हैं, अकेले मुंबई में 2000 बैरोमीटर.
  • जांच के दौरान यह सामने आया कि ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल ऑफ इंडिया (बीएआरसी) और हंसा के कुछ पूर्व कर्मचारी डेटा को टीवी चैनलों के साथ साझा कर रहे थे.
  • शेयर किए जाने के बाद कई घरों में पैसे देकर टीआरपी के साथ छेड़छाड़ की गई.
  • कई घरों में यह कहा गया कि आप टीवी देखें या न देखें, चैनल विशेष को चलाए रखें.
  • हंसा का पूर्व कर्मचारी पकड़ा गया. दो लोगों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया. 9 अक्टूबर तक मिली कस्टडी.
  • अन्य साथियों की तलाश जारी, कुछ मुंबई में हो सकते हैं, कुछ बाहर भी हो सकते हैं.
  • पकड़े गए व्यक्ति के बैंक खाते से 20 लाख जब्त किए गए हैं. इसके बैंक लॉकर से आठ लाख से अधिक की नकदी जब्त की गई है.
  • दो चैनल मालिकों को गिरफ्तार किया गया है. क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट और धोखाधड़ी के आरोप. धारा 409 और 420 के तहत लगे हैं आरोप.
  • बीएआरसी की रिपोर्ट के मुताबिक एक निजी चैनल के संदिग्ध टीआरपी ट्रेंड देखे गए. पूछताछ के बाद टीआरपी सिस्टम से छेड़छाड़ की बात सामने आई.
  • गवाहों ने कबूल किया है कि उन्हें चैनल ऑपरेट करने के लिए पैसे दिए गए थे.
  • कुछ अनपढ़ लोगों के घर अंग्रेजी चैनल चलते थे.
संजय श्रीवास्तव-प्रधानसम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, डॉ. राकेश द्विवेदी- सम्पादक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.
सुझाव एवम शिकायत- प्रधानसम्पादक 9415055318(W), 8887963126

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here